Tag Archives: Lahore

Parmeshar Singh… by Ahmad Nadeem Qasmi

परमेशर सिंह अहमद नदीम कास्मी  उर्दू से हिन्दी: शीराज़ हसन  अख़्तर अपनी माँ से यूं अचानक बिछड़ गया जैसे भागते हुए किसी जेब से रुपया गिर पड़े. अभी था और अभी गायब. ठनडया पड़ी मगर बस इस हद तक कि लुटे-पिटे क़ाफ़िले … Continue reading

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Toba Tek Singh… by Saadat Hasan Manto

टोबा  टेक सिंह सआदत हसन मंटो बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख़याल आया कि सामान्य क़ैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिंदुस्तान के पागलख़ानों में हैं, उन्हें … Continue reading

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Farq… by Vishnu Prabhakar

فرق وشنو پربھاکر ترجمہ : شیراز حسن اس دن اس کے دل میں خواہش پیدا ہوئی کہ بھارت اور پاکستان کے درمیان کی سرحد کو دیکھا جائےجو کہ ایک ملک تھا، وہ اب دو ہو کر کیسا لگتا ہے۔ دو تھے، … Continue reading

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Lala Jaswant Singh Ki Haveli….by Mirza Hamid Baig

लाला जसवंत सिंह की हवेली मिर्ज़ा हामिद बेग़ उर्दू से हिंदी: शीराज़ हसन  वागाह से क्लेअरेंस के बाद जब समझोता एक्सप्रेस लाहौर रेलवे स्टेशन पहुंची तो चर्लोजी और काजू के पैकिट, पान छालिया के थैले, बनारसी और ज़रदोज़ी के बोरी (की बोरियां?) … Continue reading

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